Shayari Bewafaai यूँ तो भूले है हमे लोग कई,पहले भी बहुत सेपर तुम जितना कोई उनमे से याद नहीं आया.. बेवजह बेवफाओं को याद किया है,गलत लोगो पर बहुत बर्बाद किया है. अब कोई हक़ से हाथ पकड़कर महफ़िल में दोबारा नहीं बैठाता,सितारों के बीच से सूरज बनने के कुछ अपने ही नुकसान हुआ करते है.. वो तितली ...
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Wednesday, October 31, 2018 11:30 PM
Zakir khan Poetry
Meri Dastan Mera Sab bura bhi kehna,Par aacha bhi sab batana.Mai jau duniya se toh sabkoMeri dastaan sunana. yeh bhi Batana Ki kaisesamandar jeetne se pehle,Mai Na jaane kitni choti-chotinadiyon se hazaaron bar haara tha.Woh ghar Woh zameen deekhana,Koi magrur bhi kahega toh tumUsko shuruwat ...
Tuesday, October 30, 2018 10:04 AM
Diwali Quotes
"May this Diwali light up your new dreams, new hopes, new avenues, and new perspectives? May it shower everything good in your life and fill each day with pleasant moments. Happy Diwali to you!" "The truth is that existence wants your life to become a festival...because when ...
Monday, October 29, 2018 2:52 PM
Diwali Messages
"Don’t Act Mean, Go Green. Celebrate An Eco Friendly Diwali This Year." " Let This Diwali Burn All Your Bad Times, Celebrate An Eco-Friendly Diwali!" "With gleam of diyas and the echo of the chants, may happiness and contentment fill your life. Wishing You & Your Family ...
Sunday, October 28, 2018 9:03 PM
Zakir Khan 2 Lines
Poetry Bus Ka Intezaar Karte Hue,Metro Mein Khade KhadeRikshaw Me Baithe HueGehre Shunya Me Kya Dekhte Rehte Ho?Gumm Sa Chehra Liye Kya Sochte Ho?Kya Khoya Aur Kya Paya Ka Hisaab Nahi Laga Paaye Na Iss Baar Bhi?Ghar Nahi Jaa Paye Na Iss Baar Bhi? Apne Aap Ke Bhi Picche Khada Hoon Mai,Zindagi, ...
Zakir Khan Poetry - Ishq ka Hasil aur Jama
6 Hair bands.4 alag alag tarah ki baalon wali Clips.Woh… uss din jo sandal tuti thi tumhari, Uska Ek strap.Aur haan Woh kitaab jiske panne mod kar diye they tumne. Sambhal rakha hai maine sab,Jab aaogi toh le jaana. Waise chote bade mila kar,kuch 23 kapde bhi pade hai tumahre.Unme se, kuch me tum ...
Zakir Khan Shayari- Yeh sab kuch jo nhool gayi thi tum...
ऐ अदम के मुसाफ़िरो होशियार राह में ज़िंदगी खड़ी होगी दुश्मनों से क्या ग़रज़ दुश्मन हैं वो दोस्तों को आज़मा कर देखिए अब वो आग नहीं रही, न शोलो जैसा दहकता हूँ, रंग भी सब के जैसा है, सबसे ही तो महेकता हूँ… एक आरसे से हूँ थामे कश्ती को भवर में, तूफ़ान से भी ज्यादा साहिल से ...
Zakir Khan Shayari-Dusmano ki jafa ka khof nahi
दुश्मनों की जफ़ा का ख़ौफ़ नहीं दोस्तों की वफ़ा से डरते हैं आशिक़ी हो कि बंदगी ‘फ़ाख़िर’ बे-दिली से तो इब्तिदा न करो भूली हुई सदा हूँ मुझे याद कीजिए तुम से कहीं मिला हूँ मुझे याद कीजिए कौन जाने कि इक तबस्सुम से कितने मफ़्हूम-ए-ग़म निकलते हैं देखने वालो तबस्सुम को करम मत समझो उन्हें ...
Zakir Khan Shayari -मार डाला मुस्कुरा कर नाज़ से
मार डाला मुस्कुरा कर नाज़ से हाँ मिरी जाँ फिर उसी अंदाज़ से मैं भी हैरान हूँ ऐ ‘दाग़’ कि ये बात है क्या वादा वो करते हैं आता है तबस्सुम मुझ को दिल तो रोता रहे ओर आँख से आँसू न बहे इश्क़ की ऐसी रिवायात ने दिल तोड़ दिया ऐ दिल-ए-बे-क़रार चुप हो जा जा चुकी है बहार चुप हो जा हम से पूछो ...
Zakir Khan Shayari- kamyaab,tere liye humne khudko kuch yun taiyaar kar liya,...
इश्क़ को मासूम रहने दो , नोटबुक के आखरी पन्ने पर, आप उससे किताबों में डाल के मुश्किल न कीजिये… रफ़ीक़ों से रक़ीब अच्छे जो जल कर नाम लेते हैं गुलों से ख़ार बेहतर हैं जो दामन थाम लेते हैं कितनी पामाल उमंगों का है मदफ़न मत पूछ वो तबस्सुम जो हक़ीक़त में फ़ुग़ाँ होता है ...
Zakir Khan Shayari Titli
वो तितली की तरह आयी और ज़िन्दगी को बाग कर गयी मेरे जितने भी नापाक थे इरादे, उन्हें भी पाक कर गयी। माना की तुमको भी इश्क़ का तजुर्बा कम् नहीं, हमने भी तो बागो में है कई तितलियाँ उड़ाई… ज़िन्दगी से कुछ ज्यादा नहीं बास इतनी सी फरमाइश है , अब तस्वीर से नहीं, तफ्सील से मिलने ...
Zakir Khan Poetry Shunya
Zakir Khan Poetry Shunya – मैं शून्य पे सवार हूँ बेअदब सा मैं खुमार हूँ अब मुश्किलों से क्या डरूं मैं खुद कहर हज़ार हूँ मैं शून्य पे सवार हूँ मैं शून्य पे सवार हूँ उंच-नीच से परे मजाल आँख में भरे मैं लड़ रहा हूँ रात से मशाल हाथ में लिए न सूर्य मेरे साथ है तो क्या नयी ये बात है वो शाम होता ढल गया वो ...
Zakir Khan Ruhaani Ishq
Zakir Khan Ruhaani Ishq Bohut hua Ruhaani Ishq ab ke to milna hai tumse, Gazalein nahi likhni hai chhuna hai tumko… Wo hazar baar ke padhe hue Khat ek aur baar nahi padhne hai mujhe, Mujhe apni Ungliya tumhari Hateli pe chahiye… Chum lena hai Maatha tumhara, Seene se laga ...
Zakir Khan Shayari Qayamat
Zakir Khan Shayari Qayamat Mere kuch sawaal hai jo sirf Qayamatt ke roj puchhunga tumse,Kyuki uske pehle tumhari aur meri baat ho sake iss laayak nahi ho tum… Main janana chahta hu kya raqib ke saath bhi chalte hue,Shaam ko yunhi bekhayali main uske saath bhi kya haat ...
Saturday, October 27, 2018 12:06 PM
Harivansh Rai Bachchan -जीवन की आपाधापी में कब वक्त मिला
जीवन की आपाधापी में कब वक्त मिलाकुछ देर कहीं पर बैठ कभी यह सोच सकूँजो किया, कहा, माना उसमें क्या बुरा भला। जिस दिन मेरी चेतना जगी मैंने देखामैं खड़ा हुआ हूँ इस दुनिया के मेले में,हर एक यहाँ पर एक भुलाने में भूलाहर एक लगा है अपनी अपनी दे-ले मेंकुछ देर रहा हक्का-बक्का, भौचक्का-सा,आ गया कहाँ, क्या ...
Friday, October 26, 2018 6:00 PM
2 Line Shayari #3मन का कोई कोना अंधेरे में ना रहे,
अक्सर दिखावे का प्यार ही शोर करता है, सच्ची मोहब्बत तो इशारों में ही सिमट जाती है। हम तो आदी है सह लेंगे तेरा दिया हुआ हर जख्म ऐ दोस्त, लेकिन सोचते है अगर तुझे किसी ने ठुकराया तो तेरा क्या होगा। में कभी पुराने फ़टे कपड़े पहनने में नही हिचकिचाता, मुझे ...
2 Line Shayari #2वो एक ख्याल है मेरा,
अश्क़ बह गए आँखों से मगर इतना कह गए, फिर आएंगे तेरी आँखों में तू अपना सा लगता है। कर दे नजर-ए-करम मुझपर मैं तुझ पर एतबार कर लूँ, दीवाना हूं मैं तेरा ऐसा कि दीवानगी की हद पार कर लूं। वो एक ख्याल है मेरा, जो अक्सर मेरे सुकूँ से लड़ता है। ऐसा नही ...
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